होली के रंगो से सराबोर रही महिला काव्य मंच गुरुग्राम की काव्य गोष्ठी


( स्वैच्छिक दुनिया ) ,
डॉ शम्भू पंवार :-
 नई दिल्ली 17 मार्च महिला काव्य मंच गुरुग्राम इकाई की काव्य गोष्ठी होली के रंगों से सरोबार सेक्टर 47 में उत्साह और उल्लास से सम्पन्न हुई।

गोष्ठी की अध्यक्षता महिला काव्य मंच की राष्ट्रीय सचिव शारदा मित्तल ने की वही मुख्य अतिथि के तौर पर प्रतिष्ठित  कवयित्री वीणा अग्रवाल तथा अति विशिष्ट अतिथि महिला काव्य मंच जर्मनी की अध्यक्षा समता मल्होत्रा व विशिष्ट अतिथि महिला काव्य मंच हरियाणा राज्य की वरिष्ठ उपाध्यक्षा इंदु राज निगम उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम का शुभारंभ महिला काव्य मंच गुरुग्राम इकाई की अध्यक्षा दीपशिखा श्रीवास्तव 'दीप' द्वारा माँ शारदे को दीप प्रज्वलन, माल्यार्पण व शारदा मित्तल के द्वारा माँ सरस्वती की वंदना के साथ किया गया।गोष्ठी
का बेहतरीन संचालन महासचिव अंजू सिंह ने किया। होली और वसंत के विभिन्न रंगों से सजी अपनी रचनाओं के माध्यम से सभी साहित्यकारो ने गोष्ठी को मानो रंगोत्सव में बदल दिया।
कवयित्रियों की रचनाओं की  पंक्तियॉ  इस प्रकार है:-

मीना चौधरी ने कहा-
सूरज पूरब से उगे,लिए अरुण भू-भाग
किरण सुनहरी गा रही,धरती पर मधुराई।

प्रीति मिश्रा की पंक्तिया-
भांग घुटी जब ठंडाई में
बच ना पाई हरजाई से
रंग लगा कर तन पर कच्चा
रंग गया मन को ऐसा पक्का।

दीपशिखा श्रीवास्तव 'दीप' की पंक्तिया इस प्रकार है-
भीगी मेरी चुनरी सजना,भीग गया मन मोरा।
तेरे रंग में रंग गई मै तो,रहा ना अंतस कोरा।
बन गई मैं तेरी हमजोली,खेलूं कैसे होली,
खेलूं कैसे होली पिया जी,खेलूं कैसे होली।।
इंदू राज निगम ने कहा-
फूलों को मुस्काने दो
कलियों को खिल जाने दो
इस बासंती मौसम को गीत खुशी के गाने दो।

नीरजा मल्होत्रा की रचना-
चलो आज रंग भरी पिचकारी से,
हर बेरंग चीज़ में,रंग भरा दे।

रश्मि चिकारा-
अपनी आंखों से देखे हुए ख्वाबों को भुलाऊं कैसे
इतने जालिम जमाने से इन्हें बचाऊं कैसे।

राजेन्द्र निगम 'राज'-
फूल नहीं खिलते उपवन में कांटे बोने से,
खुशियां नहीं मिला करती हैं जादू टोने से।।
अंजू सिंह-
यूं ही वक्त कटता है बडा़ बेवक्त कटता है,
तेरे पहलू में गर गुजरे,कयामत हो कयामत हो।
कार्यक्रम में महिला काव्य मंच की सुशीला यादव, प्रीति मिश्रा, नीरजा मल्होत्रा, सुजीत कुमार ने अपनी मनमोहक रचनाओं से गोष्ठी में खूबसूरत रंग बिखेर दिए। गोष्ठी का सभी ने भरपूर आनंद लेते हुए शाम को यादगार बना दिया। अंत में महिला काव्य मंच की अध्यक्षा दीपशिखा श्रीवास्तव 'दीप' ने सभी का आभार व्यक्त किया। 
 

1         यदि आप स्वैच्छिक दुनिया में अपना लेख प्रकाशित करवाना चाहते है तो कृपया आवश्यक रू से निम्नवत सहयोग करे :

a.    सर्वप्रथम हमारे यूट्यूब चैनल Swaikshik Duniya को subscribe करके आप Screen Short  भेज दीजिये तथा

b.      फेसबुक पेज https://www.facebook.com/Swaichhik-Duniya-322030988201974/?eid=ARALAGdf4Ly0x7K9jNSnbE9V9pG3YinAAPKXicP1m_Xg0e0a9AhFlZqcD-K0UYrLI0vPJT7tBuLXF3wE को फॉलो करे ताकि आपका प्रकाशित आलेख दिखाई दे सके

c.       आपसे यह भी निवेदन है कि भविष्य में आप वार्षिक सदस्यता ग्रहण करके हमें आर्थिक सम्बल प्रदान करे।

d.      कृपया अपना पूर्ण विवरण नाम पता फ़ोन नंबर सहित भेजे

e.      यदि आप हमारे सदस्य है तो कृपया सदस्यता संख्या अवश्य लिखे ताकि हम आपका लेख प्राथमिकता से प्रकाशित कर सके क्योकि समाचार पत्र में हम सदस्यों की रचनाये ही प्रकाशित करते है

2         आप अपना कोई भी लेख/ समाचार/ काव्य आदि पूरे विवरण (पूरा पता, संपर्क सूत्र) और एक पास पोर्ट साइज फोटो के साथ हमारी मेल आईडी swaikshikduniya@gmail.com पर भेजे और ध्यान दे कि लेख 500 शब्दों  से ज्यादा नहीं होना चाहिए अन्यथा मान्य नहीं होगा

3         साथ ही अपने जिले से आजीविका के रूप मे स्वैच्छिक दुनिया समाचार प्रतिनिधिब्यूरो चीफरिपोर्टर के तौर पर कार्य करने हेतु भी हमें 8299881379 पर संपर्क करें।

4         अपने वार्षिक सदस्यों को हम साधारण डाक से समाचार पत्र एक प्रति वर्ष भर भेजते रहेंगे,  परंतु डाक विभाग की लचर व्यवस्था की वजह से आप तक हार्डकॉपी हुचने की जिम्मेदारी हमारी नहीं होगी। अतः जिस अंक में आपकी रचना प्रकाशित हुई है उसको कोरियर या रजिस्ट्री से प्राप्त करने के लिये आप रू 100/- का भुगतान करें