नए भारत की संकल्पना और विसंगतियों के नित नए आयाम।
स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से ही भारत की सरकारें वर्ष 2022 तक यह प्रयास करती रही कि एक नवीन, मजबूत भारत का उदय होगा, जहां अमीरी गरीबी, जाति, संप्रदाय और सामान्य और दलित वर्ग भेद पूर्णता समाप्त हो जाएगा,पर भरसक प्रयास के बाद भी ऐसा हो नहीं पाया हैl भारत की सफल विदेश नीति एक अच्छी नीति की शुरुआत है औ…
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हिंदी और गोलगप्पा !!
मैं आपसे सौ प्रतिशत सहमत हूं। इस देश में हिंदी गोलगप्पा ही है । केवल एक पखवाड़े की भाषा । वह भाषा जिसे देश में कोई बोलना नही चाहता । जिसमें कोई न पढ़ना चाहता है , न पढाना । दरिद्रता की भाषा , शर्म की भाषा , लाचारों की भाषा , बेचारों की भाषा । हिंदी वर्जन फॉलोज का देश है यह , और वह हिंदी वर्जन आता र…
परिवार ही हमारी असली ताकत। डॉ.विक्रम चौरसिया
इंसान को संपूर्ण रूप से विकास के लिए ही समाज की आवश्यकता हुई , जिसकी पूर्ती के लिए समाज की पहली इकाई के रूप में परिवार का उदय हुआ ,क्योंकि बिना परिवार के समाज की रचना के बारे में सोच पाना असंभव था व आज भी है ,देखे तो समुचित विकास के लिए प्रत्येक व्यक्ति को सामाजिक ,आर्थिक ,शारीरिक ,मानसिक सुरक्षा क…
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